A) यह बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के लगभग दो दशकों के प्रभुत्व के अंत का संकेत हो सकता है।
B) विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा का नेतृत्व संभालना स्वाभाविक कदम माना जा सकता है।
C) यह बदलाव बिहार में एन.डी.ए. के भीतर सत्ता संतुलन को नए तरीके से परिभाषित कर सकता है।
D) असली परीक्षा यह होगी कि क्या नई नेतृत्व व्यवस्था नीतीश कुमार जैसी राजनीतिक स्थिरता बनाए रख पाएगी।