A) यह देरी संभवतः प्रक्रियात्मक प्राथमिकताओं और विधायी कार्यभार के कारण हुई हो सकती है।
B) इससे यह चिंता भी उठती है कि क्या संसद में संस्थागत सुरक्षा तंत्र को पर्याप्त गंभीरता से लिया जा रहा है।
C) यह कदम अब सदन में बढ़ते राजनीतिक टकराव से भी जुड़ा हो सकता है।
D) अंततः असली परीक्षा इस बात की होगी कि समिति काम शुरू होने के बाद कितनी निष्पक्षता से काम करती है।