A) गुट जोखिम उठाकर अलग पंथक ताकत के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर सकता है।
B) वोट बंटने के दबाव में मुख्य अकाली दल में वापसी के रास्ते खुल सकते हैं।
C) भाजपा का विस्तार प्रासंगिकता तलाश रहे नेताओं के लिए नया विकल्प बन सकता है।
D) 2027 तक मुकाबला सिर्फ पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि अकाली गुटों के बीच अस्तित्व की लड़ाई बन सकता है।