धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद, अभी तक जनतांत्रिक तौर पर पराली प्रबंधन के संबंध में अखबारों में विज्ञापन दिख ही नहीं रहे हैं। अब जब सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगेगी तो तुरंत फैसले लिए जाएंगे और जनता के टैक्स से जुटाए गए पैसे का गैर-लाभकारी उपयोग देखने को मिलेगा।