A) किसानों की चिंताओं पर खुलकर बात करना और कृषि कानूनों के प्रभाव को स्वीकार करना।
B) यह बताना कि भविष्य में किसानों के साथ ऐसा टकराव दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
C) किसानों की आय, फसलों के दाम और पंजाब की खेती के भविष्य पर स्पष्ट योजना पेश करना।
D) संभावित गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय लगातार बातचीत और ठोस कार्रवाई से अपनी प्रतिबद्धता साबित करना।