A) पंथक राजनीति तभी व्यापक राजनीतिक मंच बन सकती है, जब उसके पास पूरे पंजाब के लिए स्पष्ट एजेंडा हो।
B) अमृतपाल सिंह को पहचान के मुद्दों से आगे बढ़कर रोजगार, नशा, खेती और पलायन पर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।
C) पारंपरिक पंथक मतदाताओं से आगे बढ़ना ‘वारिस पंजाब दे’ के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
D) मजबूत भावनाएं राजनीतिक गति दे सकती हैं लेकिन संगठन और स्पष्ट शासन योजना ही व्यापक समर्थन की परीक्षा होगी।