A) सिख संस्थाओं को पार्टी राजनीति से पूरी तरह अलग रहना चाहिए।
B) अकाली राजनीति को संस्थागत नियंत्रण की बजाय पंथक और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
C) सिख संस्थाओं पर राजनीतिक प्रभाव के आरोपों की पारदर्शी जांच और जवाबदेही होनी चाहिए।
D) बादल परिवार और अकाली दल को स्पष्ट करना चाहिए कि राजनीतिक प्रभाव कहां खत्म होता है और संस्थागत स्वतंत्रता कहां शुरू होती है।