A) सिर्फ़ कुछ सालों में वोट देना ही काफ़ी नहीं, बल्कि नीतियां बनाने में भी मजबूत आवाज़।
B) ऐसे राजनीतिक नेता जो युवाओं की चिंताओं को समझें और उन पर काम करें।
C) ज्यादा युवाओं का खुद राजनीति और फैसले लेने की प्रक्रिया में आना।
D) भारतीय राजनीति और युवा मतदाताओं के बीच जुड़ाव के तरीके में पूरी तरह बदलाव।