A) ऊपर से थोपे गए फैसले, जहां बड़े आंकड़े स्थानीय असर और सहमति से ज्यादा अहम बन जाते हैं।
B) विकास के दावे, जो ज़मीनी किसान चिंताओं और आर्थिक सच्चाई के सामने कमजोर पड़ते दिखते हैं।
C) प्रगति की राजनीतिक कहानी, जो जमीनी स्तर पर बढ़ते अविश्वास से टकरा रही है।
D) तेज़ मंजूरी की प्रक्रिया, जहां परामर्श और जवाबदेही की गहराई पीछे छूटती दिखती है।