A) पार्टी बदलने से रंजीत कुमार की राजनीतिक विश्वसनीयता कमजोर हुई।
B) मतदाताओं ने निरंतरता की बजाय अवसरवाद को खारिज किया।
C) कांग्रेस चब्बेवाल में उनके लिए ठोस कहानी पेश नहीं कर पाई।
D) उपचुनाव में हार के बाद 2027 में कांग्रेस के द्वारा उन्हें दोबारा उतारने की संभावना कम है।