A) बीजेपी अकाली दौर की जीत को देखते हुए उन्हें फिर खडूर साहिब से उतार सकती है।
B) 2022 की हार के बावजूद बाबा बकाला एक विकल्प बना रह सकता है।
C) पार्टी बदलने से उनकी चुनावी पकड़ कमजोर हुई है।
D) 2027 तय करेगा कि पक्ष बदलने के बाद भी पुरानी जीतें मायने रखती हैं या नहीं।