A) भाजपा अटवाल को अनुभव के आधार पर अब भी एक विकल्प मान सकती है।
B) जालंधर उपचुनाव की हार उनकी चुनावी पकड़ पर सवाल उठाती है।
C) रायकोट में दोबारा वही चेहरे उतारने से ज़्यादा ज़रूरी ज़मीनी मेहनत है।
D) 2027 तय करेगा कि भाजपा अटवाल को गंभीर विकल्प मानती है या सिर्फ परख रही है।