कोटकपूरा से दो बार विधायक (2017, 2022) चुने गए कुलतार सिंह संधवा AAP के साफ़-सुथरे, पंथक चेहरे के तौर पर विधानसभा अध्यक्ष बने।
लेकिन जैसे-जैसे बेअदबी मामले फिर से गर्म हो रहे हैं, लोकल नाराज़गी लौट रही है और कोटकपूरा उनसे दूर होता दिख रहा है,
क्या स्पीकर की कुर्सी 2027 से पहले सुनहरी सलाखों वाला पिंजरा बनती जा रही है?
A) अब भी सम्मानित — गरिमा से मोर्चा संभाले।
B) पकड़ ढीली — कोटकपूरा फिसलता जा रहा।
C) बड़ी कुर्सी, पर 2027 में असर कम।