सुखपाल सिंह खैहरा अब घोटालों की बातें करते हैं और जनहित की कसमें खाते हैं, क्या वो अब खुद को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के योग्य साबित करने की तैयारी कर रहे हैं? क्या राजा वड़िंग की जगह लेने के लिए मीडिया में उनका बेबाक अंदाज़ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा?