A) चुनाव लड़ने की उनकी इच्छा नई राजनीतिक सक्रियता दिखाती है लेकिन मतदाता पूछ सकते हैं कि 2024 के बाद ऐसा क्या बदल गया।
B) सुनील कुमार जाखड़ अपनी स्वतंत्र राजनीतिक स्थिति सामने रखने के बजाय अपना भविष्य पूरी तरह भाजपा नेतृत्व के फैसले पर छोड़ रहे हैं।
C) गठबंधन पर जल्द फैसला लेने की उनकी मांग भाजपा नेतृत्व पर चुनाव से पहले असमंजस खत्म करने का दबाव डालती है।
D) किसी भी भूमिका के लिए तैयार रहने की बात कहकर जाखड़ अपनी स्पष्ट राजनीतिक पहचान से अधिक पार्टी के प्रति वफादारी को प्राथमिकता देते दिख रहे हैं।