A) नई नौकरियों के स्पष्ट लक्ष्य और उन्हें पूरा करने की तय समय-सीमा।
B) सरकारी पदों के लिए तेज़ भर्ती प्रक्रिया और समय पर परीक्षाएँ।
C) निजी कंपनियों, स्टार्टअप और स्थानीय कारोबार को अधिक सहायता।
D) रोज़गार के वादों पर हुई प्रगति की सार्वजनिक रिपोर्ट।