A) दोष तय करने से पहले घटना की जाँच की जाए और तथ्य सामने लाए जाएँ।
B) धार्मिक संस्थाओं का सम्मान किया जाए और उन्हें राजनीतिक हथियार न बनाया जाए।
C) किसी भी व्यक्ति या पद पर बैठे नेता से उचित प्रक्रिया के तहत जवाबदेही माँगी जाए।
D) जनता के भरोसे की कीमत पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रखा जाए।