A) राजनीतिक चंदे में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि मतदाता समझ सकें कि बड़े कारोबार का राजनीति पर कितना प्रभाव है।
B) किसी भी कंपनी को उसकी दौलत, राजनीतिक संबंधों या बाज़ार की ताकत के आधार पर अनुचित बढ़त नहीं मिलनी चाहिए।
C) सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बाज़ार में प्रवेश के फैसले निष्पक्ष नियमों पर हों, न कि कारोबारी प्रभाव पर।
D) असली सवाल यह है कि भारत प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा या ताकतवर कारोबारी हितों को तय करने देगा कि कौन बाज़ार में उतर सकता है।