A) संस्थाएँ अनुभव को साथ लेकर चलने से मजबूत बनती हैं, उससे दूरी बनाकर नहीं।
B) जो पार्टी बार-बार अपने वरिष्ठ नेताओं को हाशिए पर धकेलती है, वह धीरे-धीरे अपनी संस्थागत शक्ति भी खो देती है।
C) संगठनात्मक बदलाव तभी सफल होता है, जब वह विश्वास पैदा करे, उपेक्षा की भावना नहीं।
D) राजनीतिक पुनर्निर्माण तभी सार्थक है, जब वह एकता को मजबूत करे, न कि निराशा और असंतोष की नई विरासत छोड़ जाए।