A) ऐसा लगता है कि पार्टी अनुशासन, विधायी जिम्मेदारी पर भारी पड़ रहा है।
B) कानून गंभीर समीक्षा के बजाय राजनीतिक औपचारिकता बनते जा रहे हैं।
C) जो विधानसभा पहले मतदान करे और बाद में पढ़े, वह लोकतंत्र और जनविश्वास दोनों को कमजोर करती है।
D) यदि कानून बनाने वाले ही कानून बनाने को गंभीरता से नहीं लेते, तो लोकतंत्र की गरिमा और विश्वसनीयता दोनों कमजोर पड़ जाती हैं।