A) संवैधानिक दायित्व सर्वोपरि रहे, जबकि धार्मिक संस्थाएँ नैतिक मार्गदर्शन देती रहें।
B) राजनीतिक नेताओं को धार्मिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन शासन संवैधानिक ढाँचे के अनुसार ही चलना चाहिए।
C) पंजाब को यह स्पष्ट करने की आवश्यकता है कि धार्मिक प्रभाव की सीमा कहाँ समाप्त होती है और संवैधानिक जवाबदेही कहाँ से शुरू होती है।
D) राजनीतिक दलों को धार्मिक संस्थाओं को रोज़मर्रा के राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाने से बचना चाहिए और ध्यान शासन पर रखना चाहिए।