A) प्रभावशाली आध्यात्मिक संस्थाओं तक लगातार राजनीतिक पहुंच यह दिखाती है कि चुनावी राजनीति में उनका प्रभाव आज भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
B) लगभग हर प्रमुख दल मानता दिखाई देता है कि पारंपरिक चुनाव प्रचार से आगे बढ़कर ऐसे संबंध बनाना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
C) अंततः चुनावों में प्रभावशाली समर्थन से अधिक महत्व सुशासन और कामकाज को मिलना चाहिए।
D) 2027 का चुनाव बताएगा कि क्या पंजाब की राजनीति पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति से आगे बढ़ रही है, या उसका प्रभाव अब भी उतना ही निर्णायक है।