A) राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेता कांग्रेस को ‘आप’ के खिलाफ चुनौती देने के लिए अनुभव और पहचान प्रदान करते हैं।
B) कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन बहुत सारे शक्ति केंद्र कभी-कभी ताकत के बजाय कमजोरी बन जाते हैं।
C) पंजाब कांग्रेस एकता की बात तो करती है, लेकिन उसके नेता अक्सर मतदाताओं के सामने एकजुट विकल्प पेश करने से अधिक अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं में व्यस्त दिखाई देते हैं।
D) अगर 2027 में भी वड़िंग, बाजवा और चन्नी राजनीतिक जगह के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे होंगे, तो मतदाता यह मान सकते हैं कि कांग्रेस ने अपनी पुरानी गुटबाज़ी से कोई सबक नहीं सीखा।