A) मालीवाल ने अपनी ही पार्टी नेतृत्व को खुलकर चुनौती देकर साहस दिखाया।
B) उनके कदम ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर किया कि दिल्ली की राजनीति में विचारधारा कितनी स्थायी होती है।
C) आलोचकों को उनका भाजपा में जाना चौंकाने से ज्यादा विडंबनापूर्ण रूप से अनुमानित लगा।
D) स्वाति मालीवाल आज कई बार ऐसी नेता लगती हैं जो राजनीतिक पाखंड को उजागर करने से खुद एक नए राजनीतिक मोड़ का हिस्सा बन गईं।