A) कई प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ संबंध बनाए रखने की भारत की क्षमता उसे एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में विश्वसनीय बना सकती है।
B) संवाद और शांति की लगातार अपील भारत के वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को मजबूत कर सकती है।
C) बड़े वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता के लिए सभी पक्षों की स्वीकृति और पर्याप्त प्रभाव आवश्यक होता है, जो भारत की भूमिका को सीमित कर सकता है।
D) “विश्व मित्र” की अवधारणा वैश्विक कूटनीति में भारत की आकांक्षा को दर्शाती है, लेकिन इसके सामने व्यावहारिक चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।