A) नए पंथक मंच बादल के प्रभाव वाले अकाली दल की संगठनात्मक मजबूती का मुकाबला करने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
B) अकाली दल की सार्वजनिक आलोचना कहीं सुखबीर बादल के कोर समर्थन को और मजबूत न कर दे।
C) केवल सम्मेलन और भाषण को किसी मजबूत वैकल्पिक राजनीतिक ढांचे में बदलना आसान नहीं होगा।
D) जब तक अलग-अलग असंतुष्ट नेता एक स्पष्ट दिशा में एकजुट नहीं होते, तब तक पारंपरिक अकाली दल का नेटवर्क ही अकाली राजनीति में मुख्य स्थान बनाए रख सकता है।