A) सरकार संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक तनाव बढ़ने से बचाने के लिए कूटनीतिक सावधानी बरत रही है।
B) संसद में खुली बहस राष्ट्रीय सहमति और लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत कर सकती है।
C) सीमित चर्चा से राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पारदर्शिता की कमी की धारणा बन सकती है।
D) चीन जैसे मुद्दे पर खुली राजनीतिक बहस बाहरी चुनौती के समय आंतरिक मतभेद उजागर कर सकती है।