A) उनका अनुभव और संतुलित छवि भाजपा के लिए एक भरोसेमंद प्रशासनिक चेहरा बना सकती है।
B) सिख बहुल राज्य में गैर-सिख होने की धारणा उनके सामने पहले जैसी चुनौती बन सकती है।
C) भाजपा–अकाली समझौते की उनकी पहल राजनीतिक व्यावहारिकता तो दिखाती है, लेकिन पार्टी की सीमित स्वतंत्र ताकत का संकेत भी देती है।
D) मजबूत राज्यव्यापी जनाधार के बिना उनकी भूमिका अकेले अभियान से अधिक गठबंधन के गणित पर निर्भर हो सकती है।