A) भीतर से बगावत ने बिना औपचारिक अलगाव के उन्हें राजनीतिक बढ़त दी है।
B) लंबी अस्पष्टता, खुलकर अलग होने से ज्यादा अकाली दल को नुकसान पहुंचा सकती है।
C) उनका पंथक रुख दाखा को सिख राजनीति की प्रयोगशाला बना सकता है।
D) अगला दौर तय करेगा कि वे एकजुट करने वाले नेता बनते हैं या स्थायी बाधक।