A) बड़े लॉन्च उम्मीदें बढ़ाते हैं, जिन्हें सिर्फ ज़मीनी काम ही सही ठहरा सकता है।
B) ‘आप’ अपनी विश्वसनीयता को घोषणाओं नहीं, क्रियान्वयन पर दांव पर लगा रही है।
C) स्वास्थ्य वादों की असली परीक्षा सभागारों में नहीं, अस्पतालों के काउंटर पर होगी।
D) जनता का भरोसा आयोजन से नहीं, अनुभव से बनेगा।