A) कुलबीर सिंह ज़ीरा की अंदरूनी लड़ाइयों ने 2022 की चुनावी तैयारी को कमजोर किया।
B) खुलकर बोलना राजनीतिक रूप से फायदे से ज़्यादा नुकसानदेह साबित हुआ।
C) पार्टी की अंदरूनी फूट ने अनुभव को भी बेअसर कर दिया।
D) 2027 तय करेगा कि ज़ीरा गुटबाज़ी से आगे बढ़ पाए हैं या नहीं।