तीन बार के विधायक, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और जालंधर से पूर्व सांसद (2009–14) रहे मोहिंदर सिंह केपी ने कांग्रेस में लंबे वक्त तक रहने के बाद अप्रैल 2024 में अकाली दल का दामन थाम लिया, कई लोगों ने इसे पार्टी में हाशिए पर जाने की हताशा बताया।
अब जब पंजाब 2027 की ओर बढ़ रहा है, क्या अकाली दल में यह देर से किया गया दांव उनके सियासी करियर को दोबारा जगा सकता है?
A) अब भी प्रासंगिक, अकाली दल का दोआबा दांव।
B) बहुत देर हो गई, अब कोई जनाधार नहीं।
C) विरासत खो चुकी, बस 2027 की शतरंज का मोहरा।