Vijay Singla’s arrest was AAP’s poster moment for honesty—live on camera, hailed as zero-tolerance in action. Two years later, the case quietly ends with ‘no evidence.’ So, was the corruption in the minister, the system, or the stunt itself?
विजय सिंगला की गिरफ्तारी आम आदमी पार्टी की ईमानदारी का पोस्टर मोमेंट थी, कैमरे पर लाइव, "ज़ीरो टॉलरेंस" की मिसाल। दो साल बाद, मामला चुपचाप बंद, "कोई सबूत नहीं"! तो भ्रष्टाचार मंत्री में था, सिस्टम में या पूरे ड्रामे में?