जब शहर महंगे कचरा संग्रहण पर पैसा उड़ा रहे हैं, वहीं असली नायक, यानी कचरा उठाने वाले, सस्ती कीमत पर गंदा काम कर रहे हैं।
Voting
क्या हमें यह नहीं पूछना चाहिए कि करदाता बेकार प्रणालियों के लिए क्यों पैसे दे रहे हैं, जबकि असली मेहनत करने वाले कचरे में ही डूबे रहते हैं और उन्हें कोई पहचान भी नहीं मिलती?
Earthquake-resistant buildings are a necessity, yet most Indian cities are expanding with ‘low-budget high-rises.’ Glass towers, sleek designs, and sky-high ambitions.
भूकंप-रोधी इमारतें ज़रूरी हैं, फिर भी भारतीय शहर ‘कम बजट वाली ऊंची इमारतों’ से भरते जा रहे हैं। कांच के टावर, चमकदार डिज़ाइन और आसमान छूती महत्वाकांक्षाएँ।