Did you know the Government flagged 1.1 lakh posts on X in a year to curb ‘unlawful information’? But is the real threat misinformation—or Government Insecurity?
Suggestions - SLAH
And if social media is forced into compliance, is free speech now just a privilege?
क्या आप जानते हैं कि सरकार ने एक साल में X से 1.1 लाख पोस्ट हटाने को कहा, यह कहकर कि वे ‘ग़ैरक़ानूनी जानकारी’ फैला रही हैं? लेकिन असली ख़तरा झूठी ख़बरें हैं या सरकार का डर? और जब सोशल मीडिया को जबरदस्ती चुप कराया जा रहा हो,