पंजाब में निजी स्कूलों की फीस पिछले दो सालों में 20% बढ़ गई है, जिससे मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए शिक्षा महंगी हो गई है। 70% से ज्यादा बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, तो सरकार कैसे सुनिश्चित करेगी कि सबको सस्ती और अच्छी शिक्षा मिले? राय साझा करें।
Proposals - SUNLO
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Navjot Singh Sidhu has always spoken louder than everyone in the room, whether it was against his own Chief Minister, against power companies, or against his own party line. But while his speeches shook stages, his record in Government didn’t shake anything on the ground. As Minister for Local Bodies, there was more controversy than progress. And when he was finally offered the Power Department, the very issue he used to thunder about, he refused to take charge.
नवजोत सिंह सिद्धू हमेशा सबसे ज़्यादा बोलने वाले राजनेताओं में रहे हैं, चाहे बात उनके अपने मुख्यमंत्री की हो, बिजली कंपनियों की या फिर उनकी ही पार्टी लाइन की, लेकिन जहाँ उनके भाषणों ने मंच हिला दिए, वहीं सरकार में उनका काम ज़मीनी स्तर पर कुछ खास नहीं कर पाया। स्थानीय निकाय मंत्री रहते हुए विवाद ज़्यादा थे और काम कम। और जब उन्हें आखिरकार बिजली विभाग दिया गया, वही मुद्दा जिस पर वो सबसे ज़्यादा गरजते थे, उन्होंने चार्ज लेने से ही मना कर दिया।
At Former CM Charanjit Singh Channi’s son’s birthday gathering, Congress leaders hugged, smiled, and posed as if Punjab Congress politics had suddenly turned peaceful. LoP Partap Singh Bajwa stood there calling the party” united for Punjab’s future.” But this is the same Bajwa who has openly criticized his own party leaders in the past and never shied away from pointing out internal rivalries. So the real question isn’t about unity, it’s about ambition, when it comes time to announce the CM face for 2027, will Partap Singh Bajwa truly support someone else, especially Charanjit Singh Channi, if the high command chooses him again?