क्या लगता है कि कृषि प्रधान राज्य पंजाब में डीएपी और यूरिया खाद निश्चित मात्रा में पहुंच गई है, अगले तीन सप्ताह में गेहूं की बुआई का जोर शुरू हो जाएगा और खाद न मिलने पर ,हो सकता है किसान प्रर्दशन करें? क्या समय रहते सही प्रणाली नहीं बन सकती?