A) हाँ, ये मामला अनुशासन का कम और नेतृत्व की गलती ज़्यादा दिखता है।
B) नहीं, चरणजीत सिंह चन्नी ने आने वाले संगठनात्मक बदलावों से पहले ताक़त का प्रदर्शन किया।
C) असली मुद्दा हाज़िरी नहीं, बल्कि गुटबाज़ी का सामान्य होना है।
D) ऐसे ही चलता रहा तो 2027 चुनाव नहीं, अंदरूनी लड़ाई बन जाएगा।